
3 जनवरी 2026 को तिरुवनंतपुरम की कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। केरल के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक एंटनी राजू को साल 1990 के ड्रग केस में सबूतों के साथ छेड़छाड़ का दोषी ठहराया गया। उन्हें तीन साल की जेल और 10,000 रुपये का जुर्माना दिया गया।
इस फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः रद्द हो जाएगी, और राज्य में इसी साल होने वाले चुनावों में वे भाग नहीं ले पाएंगे।
मामला कैसे शुरू हुआ: ‘Underwear Story’
मामला 1990 का है। ऑस्ट्रेलियाई नागरिक एंड्रयू सल्वाटोर सेरवेली को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उसके पास 61.5 ग्राम हशीश मिला, जिसे उसने नीले अंडरवियर की गुप्त जेब में छिपाया था।
एंटनी राजू उस समय जूनियर एडवोकेट थे और इस केस से जुड़े थे। शुरुआती सुनवाई में सेशन कोर्ट ने सेरवेली को 10 साल की जेल और 1 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया, लेकिन हाईकोर्ट में मामला उलटा हो गया।
हाईकोर्ट का ड्रामा: अंडरवियर की फिटिंग
हाईकोर्ट में सेरवेली ने दावा किया कि हिरासत में जब्त अंडरवियर उसका नहीं है। उसने कोर्ट में पहनकर साबित करने की कोशिश की।
लेकिन अंडरवियर छोटा निकला।
इस छोटे अंडरवियर ने अभियोजन पक्ष को बैकफुट पर ला दिया, और फरवरी 1991 में सेरवेली बरी हो गया।

जेल में कबूल: सच सामने आया
कई साल बाद ऑस्ट्रेलिया में सेरवेली हत्या केस में जेल में था। उसने अपने सह-आरोपी से बताया कि भारत में अंडरवियर को छोटा करने के लिए रिश्वत दी गई थी। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने यह जानकारी इंटरपोल के जरिए भारत तक पहुंचाई।
सबूतों में छेड़छाड़: फोरेंसिक खुलासा
- अंडरवियर में सिलाई और धागे में बदलाव पाया गया
- दोनों तरफ की खड़ी सिलाई और नीचे की क्रॉस सिलाई अलग थी
- यह बदलाव तब हुआ जब अंडरवियर एंटनी राजू के पास था
राजू ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की, और यह उनके खिलाफ मामला बन गया।
लंबी कानूनी लड़ाई
1994: एंटनी राजू और कोर्ट क्लर्क केएस जोस के खिलाफ मामला दर्ज। 2006: मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट पेश। 2021: राजू विधायक बने और केरल में परिवहन मंत्री बने। 2023: उच्च न्यायालय ने तकनीकी आधार पर राहत दी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया। 3 जनवरी 2026 को मजिस्ट्रेट ने दोषी ठहराया, राजू को तीन साल की जेल, जोस को एक साल की सजा।
‘Underwear ने विधायकी छीनी’
राजनीति में बड़े-बड़े फैसले होते हैं, लेकिन कभी-कभी तीन दशक पुराना अंडरवियर ही विधायकी का गेम चेंजर बन जाता है।
कहानी बताती है कि सबूत, सिलाई और फॉरेंसिक भी राजनीति में अहम रोल निभा सकते हैं।
